Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
अदरक के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸
वैसे तो अदरक सà¤à¥€ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का जोखिम न के बराबर होता है, हालांकि यदि आप इसका दैनिक रूप से बहà¥à¤¤ अधिक सेवन कर रहे हैं तो इसके कà¥à¤› संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नà¥à¤•सान जरूर हो सकते हैं। अदरक के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ साइड-इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨, दसà¥à¤¤, डकार, और पेट की सामानà¥à¤¯ परेशानी हो सकती है, हालांकि यदि आप रोजाना 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन कर रहे हैं तो इसके गंà¤à¥€à¤° साइड-इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ का खतरा बढ़ जाता है। इसमें कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ अदरक का सेवन कर सकती हैं, यह उनके लिठà¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। हालांकि इस दौरान इसकी मातà¥à¤°à¤¾ का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना आवशà¥à¤¯à¤• हो जाता है। कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में पाया गया है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अदरक का अधिक सेवन करना शिशॠऔर मां दोनों के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है। इससे रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ और कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अदरक के सेवन को लेकर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर ले लें।
लो-बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में पाया गया है कि अदरक में मौजूद यौगिक, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं, पर अगर आप इससे अधिक लाठपाने के चकà¥à¤•र में बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में अदरक का सेवन कर रहे हैं तो इसके कारण लो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ होने का खतरा रहता है। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° कम होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में चकà¥à¤•र आने, थकान और बेहोशी जैसे दिकà¥à¤•त हो सकती है। इसका हमेशा खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखा जाना चाहिà¤à¥¤
हृदय की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
अदरक के à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ इसे वैसे तो हृदय रोगियों के लिठफायदेमंद बनाते हैं, पर इसका अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करना दिल की धड़कन में अनियमितता, धà¥à¤‚धली दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनिदà¥à¤°à¤¾ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का खतरा à¤à¥€ पैदा कर सकता है। अनिदà¥à¤°à¤¾ को रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और दिल की बीमारियों को बढ़ाने वाले कारक के तौर पर जाना जाता है। इस तरह की दिकà¥à¤•तों से बचे रहने के लिठअदरक का कम मातà¥à¤°à¤¾ में ही सेवन किया जाना चाहिà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |